नयी दिल्ली, 04 मार्च (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की उनके कथित तौर पर 'सनातन धर्म' विरोधी बयान के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज मुकदमों को एक जगह करने का निर्देश देने की उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान सोमवार को खिंचाई की और कहा कि एक मंत्री के रूप में उन्हें परिणामों के बारे में पता होना चाहिए था।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने शुरू से कड़ा रुख अपनाते हुए श्री स्टालिन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी से मौखिक रूप से कहा कि उन्हें राहत के लिए संबंधित उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। पीठ ने हालांकि, वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी के विभिन्न मामलों में अदालत के रुख का हवाला देते हुए राहत की गुहार के बाद याचिका पर 15 मार्च को सुनवाई के लिए सहमति जताई।
सनातन धर्म पर कथित आपत्तिजनक बयान, सुप्रीम कोर्ट ने की तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की खिंचाई

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