शाजापुर: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में फर्जी डिप्टी डायरेक्टर बनकर ट्रांसफर के नाम पर 2,60,000 की ठगी करने वाले गिरोह का शुजालपुर मंडी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सागर से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके पास से ठगी के पैसों से खरीदी गई करीब 7 लाख कीमत की होंडा सिटी कार भी ज़ब्त की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचवटी परिसर निवासी फरियादिया हेमा मालवीय ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को भोपाल NHM का डिप्टी डायरेक्टर ‘मनोज सरयाम’ बताया और फरियादिया व उनकी सहेली श्रेष्ठा अधिकारी का ट्रांसफर इंदौर कराने का झांसा देकर उनसे कुल 2,60,000 ऐंठ लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना शुजालपुर मंडी में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और SDOP निमेश देशमुख के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने साइबर ट्रैकिंग के ज़रिए तत्परता दिखाते हुए ठगी गई राशि में से 88,408 तुरंत बैंक से संपर्क कर होल्ड कराए और फरियादिया के खाते में वापस ट्रांसफर करवाए।

इसके बाद आरोपी महेंद्र तिवारी (38, निवासी अनूपपुर) को न्यायालय से पीआरओ पर लेकर पूछताछ की गई। आरोपी से मिली सुराग के आधार पर पुलिस टीम सागर रवाना हुई और मुख्य आरोपी नयनदीप बंसल (22, निवासी ग्राम मुहली बमौरा, जिला सागर) को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी नयनदीप ने कबूला कि उसने अपने बड़े भाई दीपक बंसल और महेंद्र तिवारी के साथ मिलकर फर्जी अधिकारी बनकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने आरोपी नयनदीप के पास से एक सिटी होंडा कार ज़ब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय शुजालपुर में पेश किया जा रहा है, वहीं प्रकरण के एक अन्य फरार आरोपी दीपक बंसल की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।