नयी दिल्ली 08 मार्च (कड़वा सत्य) ईरान में भारत की सहायता से निर्मित चाबहार बंदरगाह का अफगान लोगों के लिए उपयोग के दायरे का विस्तार करने के लिए दोनों पक्षों के बीच तौर तरीकों पर बातचीत चल रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज यहां नियमित ब्रीफिंग में कहा कि विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं ईरान के मामलों के लिए संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल है। संयुक्त सचिव जे पी सिंह के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल इस समय अफगानिस्तान के दौरे पर है। जैसा कि आप जानते हैं, भारत ने जून 2022 में काबुल में अपना तकनीकी मिशन खोला था और तब से, मिशन दोनों देशों के बीच चल रहे मानवीय सहायता प्रयासों को सुविधाजनक बनाने और समन्वित करने के लिए काम कर रहा है।
श्री जायसवाल ने कहा कि यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने अफगान अधिकारियों के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकें कीं। प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के अधिकाकारियों, अफगान व्यापार समुदाय के सदस्यों तथा पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मुलाकात की।
उन्होंने कहा, “प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान के लोगों को भारत की मानवीय सहायता पर चर्चा की और अफगान व्यापारियों द्वारा चाबहार बंदरगाह के उपयोग पर भी चर्चा की। भारत के अफगान लोगों के साथ ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं और ये लंबे समय से कायम स्थायी संबंध, हमारे दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करते रहेंगे।”
रिपोर्टों के अनुसार तालिबान शासन के अधिकारी चाबहार बंदरगाह के उपयोग के दायरे में विस्तार चाहते हैं और भारत भी इसके लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत है। दाेनों पक्ष इसके विवरण एवं तौर तरीकों पर सहमति बनाने पर बातचीत करने के इच्छुक हैं।
सचिन
चाबहार के उपयोग पर चर्चा के लिए अफगानिस्तान गया, भारतीय दल

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