नयी दिल्ली, 17 सितंबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि किसी भी कामकाजी महिला को यह नहीं कहा जा सकता कि वह रात में काम नहीं करे।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति जे बी पार्दीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कोलकाता में नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मुकदमे में 'स्वत: संज्ञान' सुनवाई के दौरान सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार की एक अधिसूचना के बारे में बताए जाने के बाद यह टिप्पणी की।
महिलाओं को रात में काम करने से मना नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश: बारिश-आंधी से फसल क्षति पर 72 घंटे में दें सूचना, टोल-फ्री नंबर 14447 पर दर्ज होगी किसानों की शिकायत

बिहार: औरंगाबाद के जम्होर में पितृपक्ष महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

मध्य प्रदेश: नगर परिषद गुढ़ में भाजपा का बड़ा राजनीतिक भूचाल, 10 से अधिक पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा

