औरंगाबाद: जिले के जम्होर में दो दिवसीय पितृपक्ष महोत्सव का उद्घाटन आज विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह एवं जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कहा कि पितृपक्ष महोत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। अब यह आयोजन सरकारी पितृपक्ष महोत्सव के रूप में 25 और 26 सितंबर को हो रहा है। इसकी गरिमा और यहां आने वाले देशी-विदेशी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते जिला प्रशासन की ओर से बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

जिलाधिकारी अभिलाष शर्मा ने कहा कि विष्णुधाम जम्होर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाजनक, सुरक्षित, स्वच्छ एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नदी तट पर टेंट एवं शेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नदी तट एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छता एवं साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ रात्रि एवं अन्य समय में आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था भी की गई है। पुराणों के अनुसार पुनपुन नदी में पितरों को पहला पिंडदान औरंगाबाद के जम्होर या सिरिस में ही किये जाने का विधान है।

यहां पिंडदान किए बिना गयाजी में किया गया श्राद्ध अधूरा माना जाता है और उसका फल पितरों को प्राप्त नहीं होता है। यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले पिंडदानी और श्रद्धालु पहले औरंगाबाद पहुंचकर पुनपुन नदी में पिंडदान करते हैं और इसके बाद गयाजी जाकर पितरों के श्राद्ध-तर्पण का विधान पूरा करते हैं। इस अवसर पर अपर समाहर्ता अनुग्रह सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, वरीय उप समाहर्ता रितेश यादव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, विष्णुधाम मंदिर न्यास समिति अध्यक्ष अजीत सिंह भी उपस्थित थे।