नयी दिल्ली, 02 जुलाई (कड़वा सत्य) विदेश मंत्री एस जयशंकर चार जुलाई को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों (एससीओ शिखर सम्मेलन) की 24वीं बैठक गुरुवार को कजाकिस्तान की अध्यक्षता में अस्ताना में हो रही है।
शिखर सम्मेलन में, नेताओं को पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और बहुपक्षीय सहयोग की स्थिति और संभावनाओं पर चर्चा करने की उम्मीद है। एक बयान में कहा गया कि बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
एससीओ में भारत की प्राथमिकताएं प्रधानमंत्री के 'एसईसीयूआरई' एससीओ के दृष्टिकोण पर हैं। एसईसीयूआरई का मतलब सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी, एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से है।
भारत ने एससीओ की अपनी पहली अध्यक्षता के तहत 04 जुलाई, 2023 को वर्चुअल प्रारूप में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 23वीं बैठक की मेजबानी की थी।
एससीओ के सदस्य देश दुनिया की आधी आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक तिहाई हिस्सा कवर करते हैं। वर्ष 2024 शिखर सम्मेलन में बेलारूस के दसवें सदस्य के रूप में शामिल होने के साथ नया विस्तार देखने की उम्मीद है। ईरान पिछले साल इस समूह में शामिल हुआ था।
एससीओ एक राजनीतिक, आर्थिक, और सुरक्षा संगठन है जो 2001 में स्थापित हुआ था। संस्थापक सदस्यों में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान, और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत, पाकिस्तान के साथ, 2017 में पूर्ण सदस्य बन गए थे, जिससे संगठन की पहुंच और प्रभाव में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ।
कड़वा सत्य
जयशंकर अस्ताना में 24वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

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