फतेहपुर: हत्या के करीब 10 साल पुराने मामले में न्यायालय ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद 16 अक्टूबर 2026 को एडीजे-02 न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।
पुलिस के अनुसार, गाजीपुर थाना क्षेत्र के बड़नपुर निवासी बलराम सिंह उर्फ चट्टू सिंह और मलखान सिंह के विरुद्ध वर्ष 2016 में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी की तहरीर के आधार पर थाना गाजीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 177/2016, धारा 302 भादवि के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की गई। इसके बाद मामला विचारण के लिए न्यायालय भेजा गया।
प्रभावी पैरवी से दोषियों को सजा
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने मामले की पैरवी की। पुलिस के मुताबिक, विवेचना और साक्ष्य संकलन के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपितों को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इनकी रही भूमिका
मामले में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह और विवेक कुमार ने पैरवी में सहयोग किया। विवेचक उपनिरीक्षक अभय नारायण तिवारी, पैरोकार मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार पाल, कोर्ट मुहर्रिर महिला आरक्षी श्वेता पटेल तथा अभियोजक एडीजीसी प्रमिल कुमार श्रीवास्तव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने इस फैसले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है।





