उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की योजना के बीच कंठाल से छतरी चौक के बीच स्थित प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को स्थानांतरित करने का मामला चर्चा में है। प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से चार बार प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन भारी मशीनों के इस्तेमाल के बावजूद प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली।
सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मंदिर के ऊपरी हिस्से को हटाया जा चुका है। इसके बाद मुख्य प्रतिमा को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने की कोशिश की गई, लेकिन लगातार चार प्रयास असफल रहे। प्रतिमा के नहीं हटने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी इस घटनाक्रम को लेकर कौतूहल बढ़ा है।
लगातार असफल प्रयासों के बाद प्रशासन अब जल्दबाजी में कोई नया कदम उठाने के बजाय तकनीकी और विशेषज्ञ राय लेने की तैयारी में है। प्रतिमा को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए पुरातत्व एवं तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन विभिन्न विशेषज्ञों की राय लेने के बाद संबंधित पक्षों से चर्चा कर सर्वसम्मति से निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वहीं सिंहस्थ 2028 को देखते हुए कोयला फाटक से सती गेट होते हुए छतरी चौक तक करीब 1.13 किलोमीटर सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। परियोजना की लागत करीब 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है।
अब प्रशासन के सामने दो अहम चुनौतियां हैं, सड़क चौड़ीकरण की योजना को आगे बढ़ाना और प्राचीन प्रतिमा की सुरक्षा सुनिश्चित करना। फिलहाल विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो





