बैतूल: जिले के भैंसदेही में शुक्रवार को आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित एक हितग्राही पत्नी और बेटे के साथ अपनी मांग को लेकर कलेक्टर की गाड़ी के सामने बैठ गया। हितग्राही का कहना था कि वह लंबे समय से आवास के लिए भटक रहा है, लेकिन उसे अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भैंसदेही जनपद पंचायत एवं नगर परिषद क्षेत्र के लिए संयुक्त शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, नगर परिषद सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। शिविर में ग्रामीण और नगर क्षेत्र के सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। कई लोगों ने पेंशन, राशन कार्ड, जमीन के सीमांकन और प्रधानमंत्री आवास से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
शिविर के दौरान अधिकारियों ने कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया, जबकि कुछ आवेदनों को संबंधित विभागों को जांच के लिए भेजा गया। लेकिन शिविर समाप्त होने के बाद एक हितग्राही अपनी समस्या का समाधान नहीं मिलने से आक्रोशित हो गया। बताया जा रहा है कि उक्त हितग्राही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है और कच्चे मकान में रहता है। उसने कई बार ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन दिया, लेकिन हर बार उसे आश्वासन देकर टाल दिया गया।
पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद उसे अब तक आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। शुक्रवार को आयोजित शिविर में भी उसने अपनी समस्या रखी, लेकिन उसे कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। जब कलेक्टर शिविर समाप्त कर अपनी गाड़ी से रवाना होने लगे, तो हितग्राही ने अपनी बात सीधे उन तक पहुंचाने के लिए उनकी गाड़ी के सामने बैठकर गुहार लगाई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दौड़कर मौके पर पहुंचे और हितग्राही को समझाइश देने लगे। करीब 10 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में अधिकारियों ने हितग्राही को भरोसा दिलाया कि उसके आवेदन की दोबारा जांच कराकर शीघ्र ही पात्रता अनुसार आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा, तब जाकर वह गाड़ी के सामने से हटा और कलेक्टर रवाना हो हुए।





