नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (कड़वा सत्य) भारत में कोरिया के राजदूत चांग-जे-बोक ने हांगल को अनूठी भाषा करार देते हुये मंगलवार को कहा कि इसकी विभिन्न विशेषताएं इसे पढ़ने-लिखने में आसान बनाती हैं।
श्री चांग-जे-बोक ने यहां एपीजे स्कूल इंटरनेशनल, पंचशील पार्क में आयोजित हांगल दिवस के उपलक्ष्य में कहा कि यह कंप्यूटर और स्मार्टफोन के युग के लिये बहुत उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत अच्छी लेखन प्रणाली है, जिसे वैज्ञानिक और व्यवस्थित होने के कारण दुनिया भर के भाषाविदों ने सराहा है। यह भाषा के उच्चारण को सही तरीके से व्यक्त कर सकता है।
कोरियाई भाषा हांगल द्विपक्षीय आदान-प्रदान की कुंजी है: चांग जे-बोक

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